लेखक-निर्देशक : अद्वैत चंदन

कलाकार : आमिर खान, जायरा वसीम, मेहर विज, राज अर्जुन, कबीर शेख, तीर्थ शर्मा

रेटिंग : 2.5/5

दीपावली पर रिलीज हुई ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक ऐसी लड़की की कहानी दिखाती है जिसके लिए बम या पटाखा जैसे विशेषणों का इस्तेमाल किया जा सकता है. पर इसके साथ यह साफ कर देने की जरूरत होगी कि ये विशेषण सीक्रेट सुपरस्टार की नायिका को उसकी शारीरिक सुंदरता के चलते नहीं बल्कि विस्फोटक इरादों के कारण दिए जा रहे हैं.

अक्सर सिनेमा के परदे पर अपने सपनों के पीछे भागने वाली लड़कियों को स्वार्थी या बुरी लड़की की तरह दिखाया जाता है, क्योंकि वे चीखती-चिल्लाती हैं, सिगरेट-शराब पीती हैं और किसी भी कीमत पर मनमानी करती हैं. इस चलन का एक विचित्र असर यह हुआ है कि सिनेमा ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी अब लड़कियां ‘बुरी लड़की’ जैसे संबोधनों को तमगे की तरह लेने लगी हैं. सीक्रेट सुपरस्टार को जो बात एकदम सुपर-डुपर बना देती है, वो यह कि उसकी नायिका अपने सपनों को सच करने के लिए ऐसा कुछ नहीं करती. 15 साल की एक लड़की अपने हालात से नाखुश होने के बावजूद मजबूरियों के साथ जितनी आंख-मिचौली खेल सकती है, खेलती है.

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फिल्म का ट्रेलर देखकर लगा था कि यह फिल्म सोशल मीडिया जैसी बारीक सी उम्मीद की किरण के सहारे एक प्रतिभा के रौशन होने की कहानी कहने वाली है. बेशक, फिल्म ऐसा करती भी है, लेकिन ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की थीमलाइन मां-बेटी का एक खूबसूरत रिश्ता है. जिस पिता की उपस्थिति में घर का माहौल कर्फ्यू जैसा हो जाता हो, उसकी पीठ पीछे ये मां-बेटी डिस्को करती दिखाई देती है. जीवटता का यह ग्लूकोज फिल्म के फर्स्ट हाफ में आपको पलकें झपकाने से भी रोककर रखता है.

हालांकि पहला हिस्सा जिस मजबूती से आपको थामता है, दूसरे में आप उसे कई बार बुरी तरह ढीला पाते हैं. यहां सीक्रेट सुपरस्टार के असली सुपरस्टार बनने का संघर्ष दिखाते हुए फिल्म कई बार घिसटती है तो कई बार ठहर ही जाती है. हालांकि इस बीच भी कुछेक ऐसे मौके जरूर आते हैं जब फिल्म आपकी उम्मीद से अलग जाकर रोमांचित कर जाती है, लेकिन इनकी वजह से सेकंड हॉफ के लिए कमाल-वंडरफुल-वाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पाना संभव नहीं है. वहीं रही-सही कसर एक प्रेडिक्टिबल क्लाइमैक्स पूरी कर देता है.

शुरू से लेकर आखिर तक जो बात फिल्म से आपको पूरी तरह जोड़े रखती है, वह है - अभिनय. नायिका इंसिया की भूमिका में जायरा वसीम 15 साल की टीनएज लड़की के गुस्से-चाहतों-जरूरतों को जिस तरह अपने चेहरे पर दिखाती हैं, उनके लिए खड़े होकर तालियां बजाने का मन करता है. जायरा जिनकी असली उम्र भी अभी मात्र सोलह साल है, के लिए इस गहराई से अभिनय कर पाना निश्चित रूप से उनकी मेहनत और टैलेंट की बदौलत ही संभव हो पाया है. फिल्म में जायरा की मां की भूमिका निभा रहीं मेहर विज के साथ उनके जितने भी दृश्य हैं, हर मां-बेटी के बीच होने वाले उन बहुत से संवादों के उदाहरण हैं जिनका होना असल जिंदगी में भी जरूरी है. बजरंगी भाईजान और तुम बिन-2 से तारीफें बटोर चुकीं 30 साल की मेहर विज ने भी 15 साल की बेटी की मां की भूमिका को भली तरह से अदा किया है. दिलचस्प यह है जायरा और मेहर की शक्लें भी काफी मिलती-जुलती हैं और वे सच में मां-बेटी सी लगती हैं.

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तीसरा और सबसे जरूरी किरदार फिल्म में आमिर खान निभाते हैं. ‘चीज़ी’ और चमकीले स्टाइल सेंस वाले इस संगीतकार को चलते-बोलते-गाते देखकर आपको बड़ी चिढ़न होती है, यानी वह रिएक्शन जो आमिर चाहते हैं. बेहतरीन अभिनय के अलावा आमिर खान की इस बात के लिए भी तारीफ की जानी चाहिए कि फिल्म में गुंजाइश होते हुए भी वे अपने किरदार को एकदम सीमित रखते हैं और फिल्म जायरा वसीम को ही सौंप देते हैं. उनके अलावा सपोर्टिंग कास्ट में राज अर्जुन, कबीर शेक और तीर्थ शर्मा भी आपका ध्यान खींचते हैं. संगीत फिल्म का एक जरूरी हिस्सा है फिर भी फिल्म में गिनती के पांच गाने हैं लेकिन ये तभी आते हैं जब इनकी जरूरत होती है. इनमें से बैकग्राउंड में बजने वाला इकलौता गाना ‘आई विल मिस यू,’ जो जायरा वसीम और तीर्थ शर्मा पर फिल्माया गया है, अपने बोलों और सिचुएशन के चलते बेहद पसंद आता है और याद रह जाता है. तीर्थ और जायरा का टीनएज रोमांस भी फिल्म में कुछ सुंदर दृश्यों की वजह बनता है.

अद्वैत चंदन की लिखी और निर्देशित ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की कहानी का अंदाजा बिना सिनेमाहॉल पहुंचे लगाना मुश्किल है. बतौर निर्देशक चंदन ने फिल्म में कई चूक की हैं , लेकिन लिखते हुए वे कमाल थे, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता. बुर्का पहनकर गाने वाली एक लड़की की कहानी दिखाते हुए वे यह बताने में पूरी तरह से सफल होते हैं कि सपनों की उड़ान कभी नहीं रुकने वाली क्योंकि पंखों को ढकने वाला हिजाब अब तक बना नहीं है. इसीलिए यह फिल्म दीपावली की छुट्टियों में बच्चों को दिखाई जाने वाली एक अच्छी फिल्म बन जाती है.