महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर कृषि कर्जमाफी सहित दूसरी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं. इस बार उन्होंने नासिक से मुंबई तक 180 किमी लंबी पदयात्रा के बाद मांग न पूरी होने तक महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक किसानों की यह पदयात्रा मंगलवार शाम को नासिक से शुरू हुई थी, जो रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को भी जारी रही. इसका नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले, स्थानीय विधायक जेपी गावित और अन्य नेता कर रहे हैं. इसमें अभी 25 हजार किसान शामिल बताए जा रहे हैं.

महाराष्ट्र के आंदोलनरत किसान बीते साल राज्य सरकार की कृषि कर्जमाफी से असंतुष्ट हैं. वे कृषि कर्ज और बिजली का बकाया बिल पूरी तरह माफ किए जाने के साथ स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं. अखिल भारतीय किसान सभा के सचिव राजू देसले के मुताबिक बीते साल सशर्त कृषि कर्जमाफी के बावजूद महाराष्ट्र में किसानों की खुदकुशी जारी है. उन्होंने दावा किया कि बीते साल जून से अब तक राज्य में 1,753 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

अखिल भारतीय किसान सभा ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियों को अपनाने और उनके साथ वादाखिलाफी करने का भी आरोप लगाया है. पदयात्रा से पहले सुनील मुलसरे ने कहा था, ‘हम लोग चाहते हैं कि सरकार सुपर हाईवे या बुलेट ट्रेन जैसी विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन जबरन छीनने से बचे.’ उधर, इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने नदी जोड़ने की परियोजना में जरूरी बदलाव करने की मांग की है, ताकि नासिक, ठाणे और पालघर में आदिवासी गांवों को पानी में डूबने से बचाया जा सके.