हरियाणा के स्कूलों में छात्र-छात्राओं के फर्जी दाखिले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से नाराजगी जताई है. जस्टिस राजेश बिंदल और हरविंदर सिंह सिंधू की बेंच ने कहा कि सरकार मामले में ढिलाई बरत रही है. फिर उसने सरकार को निर्देश दिया कि और देर किए बिना मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए.

इससे पहले इसी साल जनवरी में मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के सतर्कता विभाग से रिपोर्ट सौंपने को कहा था. कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में विभाग ने माना है कि उसे रोहतक, गुरुग्राम और हिसार जिलों में 1500 फर्जी दाखिलों के बारे में जानकारी मिली है. राज्य के कई जिलों में अब भी जांच चल रही है. ऐसे में दो जजों की बेंच ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर सरकार यह भी बताए कि मामले की जांच पूरी करने में अभी और कितना वक्त लगेगा.

हरियाणा के स्कूलों में फर्जी छात्रों का मामला 2015-16 में सामने आया था. तब राज्य के शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया आॅनलाइन कर दी थी. ऐसा किए जाने के बाद 2014-15 में 22 लाख के मुकाबले हरियाणा के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या महज 18 लाख रह गई थी. तब ऐसी खबरें आई कि कुछ लोगों ने मिलकर मिड डे मील, वजीफा, वर्दी, कॉपी-किताबों के नाम पर मिलने वाली सब्सिडी हड़पने के लिए स्कूलों में फर्जी दाखिले दिखाए थे.