रूस के राष्ट्रपति चुनाव में व्लादिमीर पुतिन की बड़ी जीत, चौथी बार देश की कमान संभालेंगे | सोमवार, 19 मार्च 2018

रूस के राष्ट्रपति चुनाव में व्लादिमीर पुतिन को बड़ी जीत हासिल हुई है. उन्हें इस बार 76.67 प्रतिशत से ज़्यादा वोट मिले. वे चौथी बार देश की कमान संभाल रहे हैं. बताया जाता है कि यह पुतिन की अब तक की सबसे बड़ी जीत है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक क़रीब 99 फ़ीसदी मतों की गिनती हो जाने के बाद चुनाव आयोग ने पुतिन की जीत की घोषणा कर दी. इस बार पुतिन के करीबी प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार पॉवेल ग्रूदिनिन को लगभग 12 प्रतिशत वोट ही मिल सके. राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों में रूस की जानी-मानी टीवी एंकर सेनिया सॉबचक भी शामिल थीं. लेकिन वे केवल दो प्रतिशत वोट ही हासिल कर पाईं.

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फ्रांस : पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को पुलिस ने हिरासत में लिया | मंगलवार, 20 मार्च 2018

फ्रांस की पुलिस ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को हिरासत में लिया. पुलिस ने 2007 के राष्ट्रपति चुनाव में प्रचार के लिए लीबिया के दिवंगत तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी से कथित तौर पर पैसे लेने के मामले में यह कार्रवाई की है. बीबीसी के अनुसारनिकोलस सरकोजी को पुलिस 48 घंटे तक हिरासत में रखकर पूछताछ करेगी, जिसके बाद अदालत में पेश किया जाएगा.

फ्रांस की पुलिस इस मामले में निकोलस सरकोजी के साथ-साथ उनके पूर्व मंत्री ब्राइस ऑर्टेफ्यू से भी पूछताछ कर रही है. इसी मामले में उनके एक अन्य पूर्व सहयोगी अलेक्जेंडर जोई ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं. उन्हें इसी साल जनवरी में फ्रांस द्वारा जारी वारंट के आधार पर लंदन में गिरफ्तार किया गया था.रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस की पुलिस ने निकोलस सरकोजी के खिलाफ इस मामले की जांच 2013 में शुरू कर दी थी. कहा जा रहा है कि उन्होंने फ्रांसीसी-लीबियाई कारोबारी जियाद टैकीडाइन और गद्दाफी के कुछ पूर्व अधिकारियों के जरिए पैसे हासिल किए थे.

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म्यांमार के राष्ट्रपति तिन क्यॉ ने इस्तीफ़ा दिया | बुधवार, 21 मार्च 2018

बुधवार को म्यांमार के राष्ट्रपति तिन क्यॉ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. वे मार्च-2016 में राष्ट्रपति चुने गए थे. बीते 50 साल में क्यॉ देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति रहे जिनका म्यांमार की ताक़तवर सेना के साथ कोई संबंध नहीं था. ख़बरों के मुताबिक क्यॉ के फेसबुक पेज पर इस्तीफ़े के बाबत एक संदेश डाला गया है. इसमें लिखा है, ‘म्यांमार के राष्ट्रपति यू तिन क्यॉ ने 21 मार्च को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. म्यांमार के संविधान के अनुच्छेद 73 (बी) के अनुसार अब जल्द ही उनके उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी. अगले सात कार्यदिवसों के भीतर उनके उत्तराधिकारी का चयन कर लिया जाएगा.’

बताया जाता है कि तिन क्यॉ ने ‘वर्तमान ज़िम्मेदारियों से आराम लेने के लिए’ राष्ट्रपति का पद छोड़ा है. वे म्यांमार की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू की के विश्वस्तों में शुमार होते हैं. उन्हें उनकी इसी ख़ासियत की वज़ह से राष्ट्रपति भी चुना गया था.म्यांमार के संविधान के हिसाब से सू की राष्ट्रपति नहीं बन सकती थीं क्योंकि उनके पति और बच्चों के पास विदेश की नागरिकता है.

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हमसे गलतियां हुईं : मार्क जुकरबर्ग | गुरूवार, 15 मार्च 2018

फेसबुक से डेटा चोरी होने के मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने आखिरकार अपनी गलती मान ली. इस विवाद पर बीते चार दिनों से चुप्पी साधे रहे मार्क जुकरबर्ग ने अब कुछ जरूरी कदम उठाए जाने की भी बात कही. जुकरबर्ग ने कहा यूजर्स के डेटा की सुरक्षा करना फेसबुक की जिम्मेदारी है और अगर वह इसमें असफल होता है तो कंपनी को यूजर्स की सेवा करने का अधिकार नहीं है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जुकरबर्ग ने कहा, ‘मैं यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आखिर यह कैसे हुआ. इसके अलावा हम यह सुनिश्चित करने की भी कोशिश करेंगे कि ऐसा फिर न हो.’ मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए सबसे जरूरी कदम उठा लिए गए हैं. फेसबुक के सीईओ ने यह भी माना कि अभी कंपनी को काफी कुछ करने की जरूरत है. (विस्तार से)

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भारत हमारा भाई, लेकिन चीन बरसों बाद मिला चचेरा भाई : मालदीव | शुक्रवार, 23 मार्च 2018

मालदीव ने भारत को अपना भाई और चीन को बरसों बाद मिला चचेरा भाई बताया है. चीन में मालदीव के राजदूत मोहम्मद फैसल ने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि भारत की आपत्तियों के बावजूद मालदीव चीनी परियोजनाओं पर आगे काम करता रहेगा. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से बात करते हुए मोहम्मद फैसल ने कहा, ‘चीन हमारे लिए उस चचेरे भाई की तरह है जो बरसों पहले हमसे बिछड़ गया था और अब हमारी मदद करना चाह रहा है.’ वहीं, भारत को लेकर उन्होंने कहा, ‘भारत हमारा भाई है. हम एक परिवार हैं. हममें विवाद हो सकता है और बहस हो सकती है. लेकिन अंत में हम साथ बैठ कर हल निकाल लेंगे.’

फैसल ने दावा किया कि मालदीव कई परियोजनाएं लेकर भारत के पास गया था, लेकिन उसे जरूरी फंड नहीं मिला. उधर, चीन अपनी सिल्क रोड परियोजना के लिए मालदीव को एक बड़ा सहभागी मानता है इसलिए उसने वहां भारी निवेश किया है. मालदीव के राजनीतिक संकट के समय उसने वहां के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन का बचाव भी किया था जो उस दौरान अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहे थे. कुछ दिन पहले ही अब्दुल्ला यामीन ने आपातकाल और न बढ़ाने का ऐलान किया था.

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अमेरिका : ट्रंप प्रशासन ने कुछ स्थितियों को छोड़कर सेना में ट्रांसजेंडरों की भर्ती पर रोक लगाई | शनिवार, 24 मार्च 2018

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मानवाधिकार समूहों और पूर्व सैन्य अधिकारियों के विरोध और अदालत की रोक के बावजूद सेना में ट्रांसजेंडर कार्मिकों को सीमित करने का फैसला किया है. द गार्डियन के अनुसार शुक्रवार देर रात रक्षा मंत्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ट्रांसजेंडरों को ‘कुछ सीमित परिस्थितियों को छोड़कर’ सैन्य सेवा के लिए अयोग्य करार दिया गया है. हालांकि, इसमें सीमित परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं किया गया है. लेकिन यह जरूर कहा गया है कि रक्षा मंत्री और होमलैंड सुरक्षा मंत्री ट्रांसजेंडरों की सैन्य सेवा संबंधी नीतियों को लागू करने में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सेना के मौजूदा ट्रांसजेंडर कार्मिक अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं. हालांकि, उनकी नियुक्ति जन्म के समय उनकी लैंगिक स्थिति के आधार पर की जाएगी. नए आदेश में यह भी शर्त जोड़ी गई है कि अगर कोई ट्रांसजेंडर सैन्यकर्मी सर्जरी के जरिए अपना लिंग परिवर्तन कराता है तो उसे सैन्य सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.