फेसबुक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़े खुलासे के बाद अब कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट एंड्र्यू बॉसवर्थ का एक पत्र सामने आया है जिसमें वे अपने कर्मचारियों से कंपनी की कामयाबी के लिए कुछ भी करने की बात कह रहे हैं.

तकनीक से जुड़ी खबरें देने वाली वेबसाइट द वर्ज के मुताबिक एंड्र्यू बॉसवर्थ ने ‘द अग्ली’ शीर्षक से अपने कर्मचारियों को यह पत्र 18 जून 2016 को लिखा था. इस पत्र में उन्होंने लिखा है, ‘हम लोगों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं. इसलिए हम अपनी प्रगति के लिए जो भी कर रहे हैं वह न्यायसंगत है... अगर लोग इसे नकारात्मक बनाते हैं तो यह बुरा है. शायद यह दूसरों की गलत हरकतों को उजागर करके उनकी जिंदगी खतरे में डाल सकता है. शायद हमारे टूल्स की वजह से कोई आतंकी हमले में अपनी जान भी गंवा सकता है.’

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बॉसवर्थ पत्र में आगे लिखते हैं, ‘ऐसा होने के बावजूद हम लोगों को आपस में जोड़ने के लिए अपनी कवायद जारी रखेंगे. एक बुरा या अनचाहा सच यह है कि हम लोगों को जोड़ने में इतना ज्यादा यकीन रखते हैं कि इसके लिए हमें जो भी करना होगा, वह वास्तव में अच्छा ही होगा.’

उधर, इस पत्र के सामने आने के बाद बॉसवर्थ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, ‘मैं इस पत्र में लिखी गई बातों से न आज सहमत हूं और न ही इसे लिखते समय सहमत था. इसे लिखे जाने का मकसद ऐसे मुद्दों को सतह पर लाना था, जिनके बारे में मुझे लगता था कि उन्हें सतह पर लाना चाहिए. उनके बारे में बातचीत होनी चाहिए...क्योंकि ऐसा करने से ही हम बेहतर करने के लिए टूल्स बना पाते हैं.’

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी इस मामले पर अपना बयान जारी किया है. उन्होंने कहा, ‘मैं, बॉसवर्थ और फेसबुक में काम कर रहे अन्य लोग भी इस पत्र से सहमत नहीं हैं. कंपनी की प्रगति ही सब कुछ नहीं होती और केवल लोगों को जोड़ना ही मायने नहीं रखता है.’ जुकरबर्ग का यह भी कहना है कि फेसबुक ने 2017 में बड़े बदलाव किए हैं और अब कंपनी अपने लक्ष्य और उन्हें हासिल करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल चुकी है.