कैंब्रिज एनालिटिका मामले ने फेसबुक की विश्वसनीयता को इतना नुकसान पहुंचाया है कि इसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग को लोगों से मिन्नतें करनी पड़ रही हैं. वे यूजर्स को यकीन दिला रहे हैं कि इस कंपनी को चलाने में उनसे बेहतर अभी भी कोई नहीं है. बुधवार को मार्क जुकरबर्ग ने माना कि उनकी कंपनी यूजर्स का डेटा किसी तीसरी पार्टी (एप डेवलपर्स) को देती थी. उन्होंने कहा कि यूजर्स उन्हें एक मौका और दें क्योंकि फेसबुक को उनसे बेहतर कोई नहीं चला सकता.

पत्रकारों से बातचीत में मार्क जुकरबर्ग ने कहा, ‘यह बहुत बड़ी गलती है. यह मेरी गलती है. मुझे एक मौका और दें. लोग गलती करते हैं और उनसे सीखते हैं. मैं मानता हूं कि हमने अपने जिम्मेदारियों को पर्याप्त रूप से नहीं निभाया. लोग इस सोच के साथ हमारे साथ बने रहें कि हमें गलतियों से सीखना है.’ हालांकि जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि डेटा लीक होना कभी न खत्म होने वाली समस्या है.

उधर, फेसबुक ने जानकारी दी है कि कैंब्रिज एनालिटिका मामले में जिन लोगों का निजी डेटा इस्तेमाल किया गया उनकी संख्या 8.7 करोड़ तक हो सकती है. बुधवार को ही फेसबुक ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की. इससे पहले यह संख्या पांच करोड़ बताई गई थी. फेसबुक के मुताबिक ज्यादातर यूजर्स अमेरिकी नागरिक हैं जिनसे जुड़ी जानकारियों को कैंब्रिज एनालिटिका ने इस्तेमाल किया था.