बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का कहना है कि वह किसी फिल्म को चुनते वक्त पटकथा कभी नहीं सुनते और फिल्मकार की सोच को समझने को ज्यादा तरजीह देते हैं. पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि मुझे कोई पटकथा कभी समझ में नहीं आई और यह मैं खुलकर बोल रहा हूं.
अपनी सुपरहिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के 20 साल पूरे होने के मौके पर मंगलवार की रात मुंबई में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शाहरुख ने कहा, ‘मैंने आज की तारीख तक कभी पटकथा नहीं सुनी. मैं अपने साथ काम करने वालों के दिल की धड़कन सुनता हूं.’ उन्होंने अागे कहा, ‘कई युवा अभिनेता-अभिनेत्री मेरे साथ बैठते हैं और कहते हैं कि सर, आपने वह पटकथा छोड़ दी, वह बहुत बढ़िया थी. इस पर मैं कहता हूं कि मुझे पटकथा समझ में नहीं आती है.’
‘कुछ-कुछ होता है’ के 20 साल पूरे होने के मौके पर शाहरुख खान के अलावा काजोल,रानी मुखर्जी और करण जौहर ने भी अपने अनुभव साझा किए. कार्यक्रम के दौरान फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी. ‘कुछ-कुछ होता है’ निर्देशक के तौर पर करण जौहर की पहली फिल्म थी. इसे शाहरुख और करण जौहर की सफलतम फिल्मों में से एक माना जाता है.
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