सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में बुधवार को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण किया. सरदार पटेल के इस स्मारक की ऊंचाई 182 मीटर है और यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत कई नेता मौजूद रहे.
सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर इसकी कल्पना की थी, तो अहसास नहीं था कि एक दिन प्रधानमंत्री के तौर पर उनको ही इस प्रतिमा के अनावरण का पुण्य काम करने का मौका मिलेगा.’ उन्होंने कहा, ‘दुनिया जिस बात के लिए हमें ताने दे रही थी, उसी को सरदार पटेल ने देश की ताकत बनाया.’ प्रधानमंत्री का कहना था कि सरदार साहब के आह्वान पर देश के सैकड़ों रजवाड़ों ने त्याग की मिसाल कायम की थी और उनके इस त्याग को भी कभी नहीं भूलना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस दौरान यह भी कहना था कि वे आज सरदार वल्लभ भाई पटेल की इस मूर्ति को देश को समर्पित करते हुए भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘करगिल से लेकर कन्याकुमारी तक हम बिना रोक टोक के आज आ जा रहे हैं, यह सब सरदार पटेल की वजह से संभव हुआ है.’ उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर सरदार साहब का संकल्प न होता तो सिविल सेवा जैसा प्रशासनिक ढांचा खड़ा करने में बहुत मुश्किल होती.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान इस स्मारक का विरोध कर रहे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल का ये स्मारक उनके प्रति करोड़ों भारतीयों के सम्मान, हमारे सामर्थ्य, का प्रतीक तो है ही, ये देश की अर्थव्यवस्था, रोज़गार निर्माण का भी महत्वपूर्ण स्थान होने वाला है. इससे हजारों आदिवासी बहन-भाइयों को हर वर्ष सीधा रोजगार मिलने वाला है. सतपुड़ा और विंध्य के इस अंचल में बसे आप सभी जनों को प्रकृति ने जो कुछ भी सौंपा है, वो अब आधुनिक रूप में आपके काम आने वाला है. देश ने जिन जंगलों के बारे में कविताओं के जरिए पढ़ा, अब उन जंगलों, उन आदिवासी परंपराओं से पूरी दुनिया प्रत्यक्ष साक्षात्कार करने वाला है.
उन्होंने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘देश के लोकतंत्र से सामान्य जन को जोड़ने के लिए सरदार हमेशा समर्पित रहे. महिलाओं को भारत की राजनीति में सक्रिय योगदान का अधिकार देने के पीछे भी सरदार पटेल का बहुत बड़ा रोल रहा है. ये प्रतिमा उनके सामर्थ्य और समर्पण का सम्मान तो है ही, ये न्यू इंडिया के नए आत्मविश्वास की भी अभिव्यक्ति है. ये प्रतिमा, सरदार पटेल के उसी प्रण, प्रतिभा, पुरुषार्थ और परमार्थ की भावना का प्रकटीकरण है. ये प्रतिमा भारत के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों को ये याद दिलाने के लिए है कि ये राष्ट्र शाश्वत था, शाश्वत है और शाश्वत रहेगा.’
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