बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह यौन शोषण मामले में कई दिनों से फरार चल रहीं बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने मंगलवार को राज्य के बेगूसराय जिले की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. एनडीटीवी के मुताबिक समर्पण के बाद मंजू वर्मा को एक दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

उधर, मंजू वर्मा के आत्मसमर्पण से बिहार सरकार और वहां की पुलिस ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि उन्हें गिरफ्तार न कर पाने की वजह से पुलिस को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार सुननी पड़ी थी. साथ ही इस नाकामयाबी को लेकर शीर्ष अदालत ने इसी महीने की 27 तारीख को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसके द्विवेदी को भी तलब किया था.

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इससे पहले मुजफ्फरपुर​ जिले के एक बालिका आश्रय गृह में रह रहीं लड़कियों के यौन शोषण मामले में वहां के संरक्षक बृजेश ठाकुर के अलावा मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का नाम सामने आने के बाद उन्हें मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 अगस्त को मंजू वर्मा के बेगूसराय और पटना स्थित आवासों पर छापा मारा था. तब सीबीआई ने वहां से अवैध हथियार के साथ 50 जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे.

छापेमारी की उस कार्रवाई के बाद से ही मंजू वर्मा और उनके पति फरार थे. इस बीच इन दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश जारी हुए थे. चंद्रशेखर वर्मा ने बीते महीने की 29 तारीख को आत्मसमर्पण कर दिया था. उधर, मंजू वर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी जिसे पटना हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दिया था.

इस दौरान मंजू वर्मा पर शिकंजा कसते हुए बीते हफ्ते बिहार पुलिस ने उनकी संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने का फैसला किया था. साथ ही इसे लेकर अदालत से आदेश हासिल करने के बाद बीते शनिवार को प्रदेश पुलिस ने बेगूसराय स्थित मंजू वर्मा के आवास पर नोटिस भी चिपकाया था.