इतिहास में 15 दिसंबर की तारीख देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि के रूप में दर्ज है. 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में एक किसान परिवार में जन्मे पटेल को उनकी कूटनीतिक क्षमताओं के लिए सदा स्मरण किया जाएगा. वे देश के पहले उपप्रधानमंत्री भी रहे. आज़ादी के बाद देश के नक्शे को मौजूदा स्वरूप देने में पटेल ने अमूल्य योगदान दिया. देश को एकजुट करने की दिशा में उनकी राजनीतिक और कूटनीतिक क्षमता ने अहम भूमिका निभाई. भारत रत्न से सम्मानित सरदार पटेल ने 15 दिसंबर, 1950 को अंतिम सांस ली थी. देश की एकता में उनके योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गुजरात में नर्मदा नदी के करीब उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है.
देश-दुनिया के इतिहास में 15 दिसंबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:
1953 : भारत की एस विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा के आठवें सत्र की अध्यक्ष चुनी गईं. इस पद पर पहुंची वह पहली महिला थीं.
1965 : बांग्लादेश में गंगा नदी के तट पर आए चक्रवात में तकरीबन 15,000 लोगों की जान गई.
1976 : भारत के प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया का सिक्किम में जन्म.
1982 : स्पेन ने जिब्राल्टर की सीमा को खोला. स्पेन की नई सोशलिस्ट सरकार ने मानवीय आधार पर आधी रात को यह दरवाजे खोलकर स्पेन और जिब्राल्टर के लोगों के बीच की दीवार को खत्म कर दिया था.
1991 : जाने माने फिल्म निर्माता सत्यजीत रे को सिनेमा की दुनिया में उनके अहम योगदान के लिए स्पेशल ऑस्कर से नवाजा गया.
1997 : जैनेट रोसेनबर्ग जैगन गुयाना की राष्ट्रपति चुनी गईं. वे देश की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति होने के साथ ही गुयाना की पहली श्वेत राष्ट्रपति थीं.
1997 : अरुंधति रॉय ने ‘बुकर पुरस्कार’ जीता. उन्हें उनके उपन्यास ‘द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स’ के लिए ब्रिटेन के इस सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार के लिए चुना गया.
2001 : पीसा की झुकती मीनार को 10 वर्ष बाद फिर से खोला गया. इस इमारत के ढांचे को ठीक और मजबूत करने के लिए इसे बंद कर दिया गया था.
2011 : इराक युद्ध का औपचारिक अंत. अमेरिका ने देश में अपना अभियान समाप्त करने का ऐलान किया.
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