विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने एक बार फिर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाए जाने की मांग की है और कहा है कि इस मुद्दे पर अदालत के फैसले के लिए ‘हिंदू अनंत काल तक इंतजार नहीं कर सकते.’ वीएचपी की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर के लिए अध्यादेश पर फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जा सकता है.

पीटीआई के मुताबिक इस वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक वक्तव्य में कहा कि सभी पहलुओं पर समग्र चिंतन के बाद विश्व हिंदू परिषद का स्पष्ट मत है कि हिंदू समाज से अनंत काल तक न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा की अपेक्षा नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा, ‘इसका एकमात्र उचित समाधान यही है कि संसद द्वारा कानून बनाकर श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का मार्ग अभी प्रशस्त किया जाए.’

कुमार ने कहा, ‘हमने माननीय प्रधानमंत्री का श्रीराम जन्मभूमि संबंधी वक्तव्य देखा. यह मामला गत 69 वर्षों से अदालतों में चल रहा है तथा इसकी अपील सर्वोच्च न्यायालय में वर्ष 2011 से लंबित है. प्रतीक्षा की यह एक लंबी अवधि है. हिंदू समाज अनंत काल तक इंतजार नहीं कर सकता.’