पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत की सरकार ने पेशावर स्थित हिंदुओं के तीर्थ ‘पंज तीरथ’ को राष्ट्रीय विरासत घोषित कर दिया है. पीटीआई के मुताबिक प्रांत के पुरातत्व विभाग ने 2016 के एक कानून के मुताबिक इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है.

पंज तीरथ का नाम इस धार्मिक स्थान पर बने पांच तालाबों की वजह से पड़ा है. इसके साथ ही यहां एक मंदिर भी है. श्रद्धालु मानते हैं कि महाभारत काल के राजा पांडु ने कार्तिक महीने के दौरान इन तालाबों में स्नान किया था और यहां स्थित खजूर के पेड़ के नीचे दो दिन तक पूजा-अर्चना की थी.

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कहा जाता है कि इस तीर्थ को अफगान दुर्रानी वंश के शासनकाल के दौरान 1747 में नुकसान पहुंचाया गया था और फिर सिख शासन के दौरान हिंदुओं ने 1834 में इसका जीर्णोद्धार किया.

खैबर पख्तूनख्वाह के पुरातत्व विभाग ने प्रशासन को यह निर्देश भी दिया है कि इस तीर्थ स्थान पर अगर कोई अतिक्रमण है तो उसे हटाया जाए और इसके चारों ओर एक सुरक्षा दीवार बनाई जाए. साथ ही पुरातत्वविदों को अनुमति दी जाए कि वे यहां संरक्षण का काम कर सकें. इसके साथ ही अफगानिस्तान से सटे इस प्रांत की सरकार ने घोषणा की है कि अगर कोई भी इस ऐतिहासिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया जाता है तो उस पर 20 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लग सकता है और उसे पांच साल की जेल हो सकती है.