दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय सुपरस्टार शाहरुख खान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि देना चाहता था. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उसने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से इसकी मंजूरी मांगी थी जिसने इससे इनकार कर दिया. उसका तर्क था कि शाहरुख खान को हैदराबाद के मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय से यह उपाधि पहले ही मिल चुकी है. अखबार ने यह खबर एक आरटीआई आवेदन पर मिले जवाब के आधार पर दी है.

जामिया ने 30 जनवरी 2018 को शाहरुख खान को एक चिट्ठी लिखकर उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि देने की पेशकश की थी. अगले ही महीने शाहरुख ने इसे स्वीकार कर लिया था. लेकिन बाद में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के कहने पर यह फैसला वापस ले लिया गया. उधर, जामिया के जनसंपर्क अधिकारी अहमद अज़ीम ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. शाहरुख जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र रह चुके हैं. उन्होंने वहां से 1988-90 के बैच में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की थी. हालांकि उपस्थिति कम होने की वजह से वे अंतिम परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे.