सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, कहा – मुख्य न्यायाधीश का दफ्तर भी आरटीआई के दायरे में

एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय भी सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के दायरे में आता है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने ये फैसला सुनाया. उसने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल और केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी की अपील खारिज कर दी. शीर्ष अदालत ने कहा कि संवैधानिक लोकतंत्र में जज कानून से ऊपर नहीं हो सकते. उसका ये भी कहना था कि जवाबदेही को पारदर्शिता से अलग करके नहीं देखा जा सकता. संविधान पीठ ने आगाह किया कि आरटीआई कानून का इस्तेमाल निगरानी रखने के हथियार के रूप में नहीं किया जा सकता. उसका ये भी कहना था कि पारदर्शिता के मुद्दे पर विचार करते समय न्यायपालिका की स्वतंत्रता को ध्यान में रखा जाना चाहिए.

Advertisement

महाराष्ट्र में सरकार बनाने की जद्दोजहद जारी, उद्धव ठाकरे ने बातचीत सही दिशा में बढ़ने की बात कही

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की जद्दोजहद जारी है. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है. उनका ये भी कहना था कि उचित समय आने पर फैसले का ऐलान किया जाएगा. उद्धव ठाकरे ने ये बात महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अशोक चह्वाण, माणिकराव ठाकरे और बालासाहेब थोराट से मुलाकात के बाद कही. फिलहाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग चुका है. हालिया विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 56, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है. यानी अगर तीनों पार्टियां मिल जाएं तो उनके विधायकों की कुल संख्या 154 होगी. ये बहुमत के 145 के आंकड़े से अधिक है.

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने का फैसला बरकरार रखा

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष द्वारा 17 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा है. हालांकि उसने इन विधायकों को राज्य में पांच दिसंबर को होने वाला उपचुनाव लड़ने की इजाजत दे दी है. यानी चुनाव में जीतने पर ये विधायक मंत्री बन सकते हैं हैं. पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने आदेश दिया था कि ये विधायक इस विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने तक अयोग्य ही रहेंगे. ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इन विधायकों ने अपनी-अपनी पार्टियों से बगावत कर इस्तीफा दे दिया. इससे तत्कालीन कांग्रेस-जेडीएस सरकार अल्पमत में आ गई और आखिरकार मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को इस्तीफा देना पड़ा. इसी दौरान तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने इन विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया था. उधर, भाजपा नेता और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री सीएन अश्वथनारायण ने कहा है कि ये विधायक कल उनकी पार्टी में शामिल होंगे.

प्रदूषण के चलते दिल्ली फिर आपात स्थिति के करीब

कुछ दिन बेहतर रहने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर आपात स्थिति के करीब पहुंच गया है. शहर में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 454 रहा. 401-500 के बीच एक्यूआई को गंभीर और इसके पार बेहद गंभीर माना जाता है. इस महीने की शुरुआत में एक्यूआई के लगातार गंभीर स्तर में रहने की वजह से दिल्ली में जन स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल घोषित कर दिया गया था. सरकार ने स्कूलों को बंद करने और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था. दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए इन दिनों ऑड-ईवन योजना भी चल रही है. राजधानी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है.

Advertisement

अफगानिस्तान में एक बम धमाके में सात लोगों की मौत

अफगानिस्तान में आज एक आतंकी हमले में सात लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए. ये धमाका राजधानी काबुल में एक भीड़-भाड़ वाले इलाके में हुआ. अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के मुताबिक ये एक आत्मघाती हमला था और इसका निशाना एक कनाडाई सुरक्षा कंपनी का वाहन था. मरने वालों में चार विदेशी नागरिक थे. हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है. हालांकि इसके पीछे तालिबान और इस्लामिक स्टेट में से किसी एक का हाथ माना जा रहा है. काबुल में ये दोनों ही संगठन सक्रिय हैं.