वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि अगर कोरोना वायरस संकट के चलते घोषित 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन का विस्तार होता है तो जरूरी सावधानियों के साथ कुछ और औद्योगिक गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दी जा सकती है. वाणिज्य सचिव गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने गृह मंत्रालय को एक चिट्ठी भेजी है. इसमें अनुरोध किया गया है कि ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कुछ दूसरे सेक्टरों में उत्पादन की आंशिक रूप से मंजूरी दी जा सकती है. वाणिज्य मंत्रालय ने कुछ दिन पहले राज्यों और व्यापार संघों के साथ चर्चा की थी. उसका यह सुझाव इस पर ही आधारित है.
इससे पहले बीते हफ्ते मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दिया था कि लॉकडाउन को कुछ ढील के साथ जारी रखा जा सकता है. प्रधानमंत्री का कहना था कि जान और जहान दोनों का ध्यान रखना जरूरी है. वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि कुछ क्षेत्रो में उत्पादन की अनुमति देने से आर्थिक हालात सुधरेंगे और लोगों के साथ में थोड़ा पैसा आएगा जिसकी उन्हें बहुत जरूरत है.
कोरोना वायरस की शुरुआत के समय ही भारतीय अर्थव्यवस्था छह साल में सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ रही थी. माना जा रहा है कि तब से हालात काफी खराब हो चुके हैं. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इसके चलते बेरोजगारी दर रिकॉर्ड ऊंचाई पर जा सकती है.
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