बीते दो महीनों से पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ को लेकर भारत और चीन के बीच चल रहा तनाव छंटने के आसार दिखने लगे हैं. एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक चीनी सेना गलवान घाटी में अपनी पोजीशन से कम से कम एक किलोमीटर पीछे हट गई है. यह वही जगह है जहां बीते महीने दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. सूत्रों के मुताबिक गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने जो अस्थाई निर्माण किए थे उन्हें हटाया जा रहा है. भारतीय सैनिक भी पीछे हटे हैं और बीच में एक ‘नो मैंस लैंड’ या बफर जोन बनाया जा रहा है. कुछ खबरों के मुताबिक गलवान के अलावा गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स नाम की जगहों से भी चीनी सैनिक पीछे की तरफ पट रहे हैं. हालांकि देपसांग या पैंगोंग सो झील को लेकर अभी इस तरह की कोई जानकारी नहीं है.

तीन दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का दौरा किया था. यहां सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि विस्तारवाद के दिन अब लद गए हैं. इसे चीन के लिए उनका अप्रत्यक्ष संदेश माना जा रहा था. हालांकि चीन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उसे विस्तारवादी कहना आधारहीन है. बीते कुछ समय से दोनों देशों के उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत भी चल रही थी. पिछले हफ्ते बातचीत का एक ऐसा ही दौर 12 घंटे तक चला था.