भाजपा
-
भाजपा दिल्ली में हर्षवर्धन के साथ वही क्यों करती है जो महाराष्ट्र में गडकरी के साथ करती है?
-
क्या लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति न बनाये जाने की वजह अब साफ होने लगी है?
-
बिहार के लिए नया अध्यक्ष चुनने में भाजपा को क्या मुश्किल हो रही है?
-
क्यों अनुच्छेद 370 भाजपा के लिए राम मंदिर मुद्दे वाला काम कर सकता है
-
बीएल संतोष भाजपा संगठन में अमित शाह के बाद दूसरे सबसे अहम शख्स कैसे बने?
-
लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी में किसके राष्ट्रपति बनने की कितनी संभावनाएं हैं?
-
क्यों कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बावजूद जेपी नड्डा के लिए भाजपा का अध्यक्ष बनने की राह कठिन है
-
भाजपा के वे कौन से पांच नेता हैं जो जल्द ही राज्यपाल बन सकते हैं?
-
क्या एग्जिट पोल्स के बाद भी राजनाथ सिंह के अगला प्रधानमंत्री बनने की कोई संभावना दिखती है
-
क्या अमित शाह 2024 में प्रधानमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं?
-
भाजपा के घोषणापत्र में तीन बड़ी घोषणाएं कौन सी हो सकती हैं?
-
भाजपा को इस बार दक्षिण से अच्छे उत्तर की उम्मीद क्यों है?
-
भाजपा नेता शोक के अवसर पर हंसने क्यों लगते हैं?
-
हालात कुछ भी हों, नितिन गडकरी का अगला प्रधानमंत्री बनना इतना आसान भी नहीं है
-
कभी नरेंद्र मोदी के बड़े विरोधी रहे गोवर्धन झड़ापिया को उत्तर प्रदेश का जिम्मा कैसे मिल गया?
-
क्या भाजपा कुछ राज्यों में मुख्यमंत्री बदलने वाली है?
-
पांच सबक जो भाजपा के लिए हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों में छिपे हैं?
-
क्या मध्य प्रदेश और राजस्थान को लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व खुद भी आश्वस्त नहीं है?
-
एससी/एसटी एक्ट पर अदालती फैसला पलटने से उपजी सवर्णों की नाराजगी भाजपा का फायदा भी कर सकती है!
-
एससी-एसटी एक्ट को लेकर हो रही उठापटक क्या वाकई भाजपा का नुकसान करेगी?
-
मिशन 2019 के लिए भाजपा की वॉर रूम व्यवस्था कैसे काम कर रही है?
-
नेहरू की आलोचक भाजपा वाजपेयी के अस्थि विसर्जन के मामले में नेहरू मॉडल ही अपनाती दिखती है
-
क्या के चंद्रशेखर राव जल्द ही एनडीए में चंद्रबाबू नायडू की कमी पूरी करने जा रहे हैं?
-
भाजपा और उसकी केंद्र सरकार के वे तीन हालिया राजनीतिक फैसले जिनमें सियासी सूझबूझ कम दिखती है
-
पांच दांव जो नरेंद्र मोदी और अमित शाह 2019 में भाजपा की जीत पक्की करने के लिए चल सकते हैं
-
कैसे सपा-बसपा की काट के लिए अमित शाह सालों पुराना गोविंदाचार्य-राजनाथ फॉर्मूला अपना रहे हैं
-
क्या बतौर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का अब एक नया रूप दिखने वाला है?
-
कैराना उपचुनाव की तीन बातें जो 2019 में भाजपा की मुश्किल बढ़ाने वाली हैं
-
क्या मनोज तिवारी की कुर्सी जाने वाली है?
-
भाजपा को 50 फीसदी वोट मिलने के इस दावे में कितना दम है?
-
भाजपा नेतृत्व बिप्लब देब से परेशान है तो इसकी वजह सिर्फ उनके विवादास्पद बयान नहीं हैं
-
उत्तर प्रदेश में दूसरे दलों से आए नेताओं को एमएलसी बनाकर भाजपा ने क्या संकेत दिया है?
-
क्या सच में एनडीए सरकार ने चार लाख करोड़ रुपये का एनपीए वसूल कर लिया है?
-
पांच कारण जिनके चलते मोदी मंत्रिमंडल में एक और विस्तार हो सकता है
-
भाजपा में 75 साल की आयु सीमा कुछ बड़े नेताओं को निपटाने के लिए ही थी?
-
क्या भाजपा ‘दक्षिण’पंथ में भटक गई है?
-
उत्तर प्रदेश में नौवीं राज्यसभा सीट के लिए भाजपा की रणनीति आगे उस पर कैसे भारी पड़ सकती है?
-
क्यों नरेंद्र मोदी को आखिरी साल में सहयोगी दलों को साथ बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी होगी
-
क्यों कई सूबों में सीएम बदलने की मांग के बावजूद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इसके लिए तैयार नहीं है
-
हालिया उपचुनाव के नतीजों का भाजपा पर क्या असर पड़ सकता है?
-
चार सिपहसालार जिनके बिना पूर्वोत्तर में भाजपा वह न होती जो आज है
-
जिस पूर्वोत्तर में भाजपा को कभी उम्मीदवारों के लाले थे वहां वह सबसे मजबूत कैसे बन गई?
-
क्या लखनऊ में बैठे योगी आदित्यनाथ के हाथ से गोरखपुर फिसल रहा है?
-
क्यों बाहर से भाजपा में आए नेताओं की अपनी मूल पार्टियों में वापसी का सिलसिला तेज हो सकता है?
-
क्या भाजपा को अब यह चिंता सताने लगी है कि अगले चुनाव में वह बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी?
-
क्या विजय रूपाणी गुजरात के अस्थाई मुख्यमंत्री हैं?
-
गुजरात के नतीजे का अब अमित शाह पर क्या असर पड़ने वाला है?
-
गुजरात में भाजपा की इस जीत में उसके लिए तीन चेतावनियां भी छिपी हैं
-
क्या गुजरात भाजपा में नरेंद्र मोदी से पहले वाला दौर लौटने वाला है?
-
क्यों लंबे समय बाद गुजरात में भाजपा को टिकट बंटवारे पर खासी माथापच्ची करनी पड़ रही है
-
टीपू सुल्तान का विरोध करके भाजपा एक तीर से तीन निशाने लगाना चाहती है
-
क्यों गुजरात चुनाव की तारीखों के ऐलान में देरी भाजपा के लिए ‘पावर प्ले’ साबित हुई है
-
क्या वज़ह है कि भाजपा मोदी के बजाय योगी मॉडल को ज़्यादा आगे बढ़ा रही है?
-
सिन्हा और शौरी से नहीं भाजपा को स्वामी और गुरुमूर्ति से फर्क पड़ता है
-
आम चुनाव दूर हैं पर भाजपा खास ‘मोड’ में आ गई दिखती है
-
क्यों मोदी-शाह की कार्यशैली के प्रति भाजपा में अंदरखाने चल रहा असंतोष जल्द ही बाहर आ सकता है
-
जो गलत परंपरा कभी वाजपेयी सरकार को 13 महीने में ले डूबी थी, भाजपा अब उसे आगे बढ़ाती दिखती है
-
कैसे दिल्ली भाजपा के भीतर मची खींचतान में पहली बार पूर्वांचल का पलड़ा भारी लग रहा है
-
भाजपा भीड़ की हिंसा को बढ़ावा दे रही है, ये कहना पूर्वाग्रह है : वसुंधरा राजे
-
क्या अमित शाह की अध्यक्षता में भाजपा वह कर सकती है जो कांग्रेस अपने चरम पर भी नहीं कर सकी?
-
राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी ही नहीं, राजनीति की नई पौध भी जाति देखकर तैयार हो रही है!
-
पूर्वोत्तर में मोदी सरकार की इन कवायदों का कारण सिर्फ चीन नहीं है
-
पश्चिम बंगाल के नए रण की तैयारी में भाजपा उत्तर प्रदेश वाले दांव ही आजमाती दिख रही है
-
क्यों ऐसा लग रहा है कि ओडिशा में चुनाव दूर होने पर भी भाजपा ने वहां लड़ाई का आगाज कर दिया है
-
क्या आदित्यनाथ, नरेंद्र मोदी के साथ वह कर सकते हैं जो मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के साथ किया?
-
भाजपा को क्यों लगता है कि वह योगी को सीएम न बनाती तो 2019 में उसकी हालत खराब भी हो सकती थी
-
चुनावी नतीजे कड़वे न हों, इसके लिए क्या मोदी सरकार ने चीनी उत्पादन के आंकड़े बदल दिए?
-
कुछ नये संकेत जो बताते हैं कि नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष दबाव में हैं
-
क्यों अपनी रैली में जुटी भीड़ से नरेंद्र मोदी को खुश होने से ज्यादा चिंतित होने की जरूरत है
-
सुब्रमण्यम स्वामी : जिनसे बिगाड़ना मुश्किल है लेकिन निभाना भी आसान नहीं
-
क्या भाजपा के मार्गदर्शक मंडल को खत्म करने का प्रस्ताव एक मार्गदर्शक ही लाने वाला है
-
विजय रूपानी को मुख्यमंत्री बनाना मोदी-शाह के लिए भी आसान नहीं था, तो फिर यह किया कैसे गया?
-
अपनी पसंद के विजय रूपानी को गुजरात का मुखिया बनवाने के बावजूद अमित शाह शायद खुश नहीं होंगे
-
मोदी के तीन खास सिपहसालारों में से दो का जाना क्या बताता है?
-
मंत्रिमंडल विस्तार से जेटली के घटते कद का ही नहीं, अमित शाह की बढ़ती ताकत का भी संकेत मिलता है
-
असम में शिवराज सिंह चौहान के भाषण से भाजपा के बाकी मुख्यमंत्री परेशान क्यों हैं?
-
आज आये नतीजों ने भाजपा को हिंदी पट्टी की सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया है
-
गांधीजी देशद्रोही होने का सर्टिफिकेट बांटने लगते तो आरएसएस और वामपंथी आज पाकिस्तान में होते
-
'पत्रकार को एंटी नेशनल होना चाहिए नेशनल तो आजकल भक्त भी हैं!'
-
अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन लागू होना अंग्रेजों की अन्यायपूर्ण विरासत ढोने जैसा है
-
क्या पंजाब में आप की हवा ऐसी है कि उसे सत्ता के नजदीक ले जा सके?
-
वे पांच घटनाएं जो न होतीं तो मायावती जैसी हैं, वैसी न होतीं
-
क्या संघ विहिप से राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व वापस लेने की सोच रहा है?
-
क्या कांग्रेस को हराने के लिए अजित जोगी ने अंतागढ़ उपचुनाव फिक्स करवाया था?
-
तमिलनाडु में अब बैलों पर राजनीति शुरू हो गई है
-
'एबीवीपी भाजपा का नहीं आरएसएस का स्टूडेंट विंग है?'
-
भाजपा ने अशोक की जाति खोजी थी, अब नीतीश ने उनका जन्मदिन पता लगा लिया है
-
दो ट्रस्ट जो राष्ट्रीय पार्टियों को उनका 40 फीसदी से ज्यादा चंदा देते हैं
-
क्या आम आदमी पार्टी नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने जा रही है?
-
शिवराज सरकार के दस साल पर झाबुआ की हार का मलाल
-
जो डर रहा है, उसे ही अपराधी बताकर उस पर हमला बोल देना असहिष्णुता का चरम नहीं तो और क्या है?
-
आरके सिंह: एक नौसिखिया राजनेता नरेंद्र मोदी को बार-बार चुनौती देता है तो उसमें कुछ तो होगा
-
भाजपा को इस दुख भरे क्षण में केरल मुस्कराने की वजह दे सकता है
-
एक सीधा सा अंकगणित जिसने नीतीश को भाजपा विरोधी राजनीति के केंद्र में ला दिया
-
शाहरुख पाकिस्तान जाएंगे तो भारत कहां जाएगा?
-
उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के अच्छे दिन जाते और मायावती के आते दिख रहे हैं
-
पप्पू यादव और ओवैसी - बिहार चुनाव पर जिनका प्रभाव इसके शुरू होते ही खत्म हो गया!
-
दूसरा पक्ष : हमारे यहां धर्मनिरपेक्षता भी अब कट्टर हो गई है
-
शिवसेना खुद डरी हुई है इसलिए दूसरों को डरा रही है
-
क्यों कल भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका का मैच हार्दिक बनाम भाजपा भी हो सकता है